श्रीश्रीअनुकूलचन्द्र के बिचारधारा : एक समाजशास्त्रीय समीक्षा

श्रीश्रीअनुकूलचन्द्र के बिचारधारा : एक समाजशास्त्रीय समीक्षा

210.00

  • हिन्दी में बारह शोध लेख
  • श्रीश्रीअनुकूलचन्द्र की विचारधारा
  • सामाजिक व आध्यात्मिक दृष्टिकोण
  • राष्ट्रीय संगोष्ठी से संकलित
  • शैक्षणिक व शोध उद्देश्य हेतु उपयोगी
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पुस्तक परिचय

“श्रीश्रीअनुकूलचन्द्र के बिचारधारा : एक समाजशास्त्रीय समीक्षा” एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पुस्तक है जो श्रीश्रीअनुकूलचन्द्र जी के जीवन, कार्य और विचारधारा पर केन्द्रित है। यह पुस्तक बारह चयनित हिन्दी लेखों का संग्रह है जो शिक्षा, स्वास्थ्य, विवाह, अर्थव्यवस्था, वर्णाश्रम, समाज, राजनीति, धर्म, संस्कृति, आध्यात्मिकता, आदर्श, मानव चरित्र, और दर्शन जैसे विषयों को स्पर्श करते हैं।

यह लेख राष्ट्रीय संगोष्ठी “Relevance of the Ideology of Sree Sree Anukulchandra in Global Context” के दौरान प्रस्तुत किए गए थे, जो फरवरी 2019 में रांची विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग द्वारा PSSAC और ISHRD के सहयोग से आयोजित की गई थी।

शोध, विचार और प्रस्तुति

यह पुस्तक उन बौद्धिक प्रस्तुतियों का संग्रह है जो श्रीश्रीअनुकूलचन्द्र जी को एक “लोक शिक्षक” के रूप में प्रस्तुत करती हैं — एक ऐसे गुरु जिन्होंने सामाजिक, आध्यात्मिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक सुधार के लिए जीवन समर्पित किया।

पाठकों को यह पुस्तक एक शोधात्मक दृष्टिकोण प्रदान करती है जिससे वे उनके जीवन-दर्शन और सामाजिक योगदान को गहराई से समझ सकें।

लेखकगण

  • प्रो० अशोक कुमार पाण्डेय
  • प्रो० डा० प्रभात कुमार सिंह
  • प्रो० डा० सुरेन्द्र पाण्डेय
  • प्रो० डा० पारस कुमार चौधरी
  • प्रो० डा० बिनोद नारायण
  • डा० सुजीत कुमार चौधरी
  • सुश्री मधू कुमारी
  • सुश्री अर्चना कुमारी
  • प्रो० राज मोहन
  • प्रो० इन्दु कुमारी
  • डा० एस० एन० झा
  • डा० श्रीकुमार मुखर्जी
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